Blogger द्वारा संचालित.

महात्मा गांधी का नारा क्या था | mahatma gandhi slogan in hindi

महात्मा गांधी का नारा क्या था | mahatma gandhi slogan in hindi

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी थे. इन्हें इस सदी का सबसे महान पुरुष भी कहा जाता हैं. जिन्होंने सत्य एवं अहिंसा जैसे मूल्यों के दम पर दमनकारी अंग्रेजी हुकुमत को हर बार परास्त कर भारत छोड़ने पर मजबूर किया था. भारत की स्वतंत्रता में महात्मा गांधी का बड़ा योगदान था. उनके एक इशारे पर सड़के जाम हो जाया करती थी. ऐसे महान पुरुष का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. गांधी जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर हम आपकें लिए महात्मा गांधी के नारे (mahatma gandhi slogan) लेकर आए हैं. 

महात्मा गांधी का नारा व अहम बाते

  • करो या मरो और भारत छोड़ों ये दो नारे महात्मा गांधी के सबसे लोकप्रिय हुए, तथा इनकें पीछे छिपे संदेश से गांधीजी के चरित्र एवं उनके प्रभाव को स्पष्ट देखा जा सकता हैं.
  • उन्होंने कहा था बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत कहों. जो गांधीजी के तीन बन्दर की अवधारणा के रूप में प्रसिद्ध हुई थी.
  • बापू कहा करते थे. बुरा सुनने से मन अपवित्र एवं अशांत हो जाता था. वो स्वच्छता को जीवन में बड़ा महत्व देते थे, उनका नारा था पवित्रता है, वहीं निर्भयता, स्वच्छता ही ईश्वर हैं.
  • हे राम भी राष्ट्रपिता का अंतिम नारा था, जब दिल्ली की प्रार्थना सभा में नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को गोली मारी तो उनके ये आखिरी शब्द थे.
  • 1942 में महात्मा गांधी ने करो या मरो और अंग्रेजों भारत छोड़ो के नारे (भारत छोड़ो आन्दोलन) के समय दिए थे. 
Share on Google Plus

About hihindi

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें